भारत में सरोगेसी
भारत में सरोगेसी की पूरी जानकारी — कानून, प्रक्रिया, खर्च, और सही क्लिनिक कैसे चुनें। Surrogacy Regulation Act 2021 की सरल व्याख्या।
📋 भारत में सरोगेसी क्या है?
सरोगेसी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला (सरोगेट मदर) किसी दूसरे दम्पति या व्यक्ति के लिए गर्भ धारण करती है। भारत में Surrogacy (Regulation) Act, 2021 के तहत केवल अल्ट्रुइस्टिक सरोगेसी की अनुमति है।
⚖️ भारत में सरोगेसी का कानून (2021)
- ✓Surrogacy (Regulation) Act, 2021 — पूरे भारत में लागू, कमर्शियल सरोगेसी पर पूर्ण प्रतिबंध
- ✓केवल विवाहित दम्पति — पति-पत्नी की शादी कम से कम 5 साल पुरानी होनी चाहिए
- ✓सरोगेट का योग्यता — 25 से 35 वर्ष, कम से कम एक बच्चा, करीबी रिश्तेदार
- ✓अनिवार्य बीमा — सरोगेट के लिए 36 महीने का स्वास्थ्य बीमा आवश्यक
- ✓कोर्ट ऑर्डर — बच्चे के जन्म से पहले पेरेंटेज ऑर्डर लेना अनिवार्य है
💰 भारत में सरोगेसी का खर्च
बेसिक पैकेज
कम्पलीट पैकेज ⭐
प्रीमियम पैकेज
डोनर एग पैकेज
🔄 सरोगेसी की प्रक्रिया — चरण दर चरण
1. मेडिकल मूल्यांकन
दम्पती और संभावित सरोगेट दोनों की पूरी स्वास्थ्य जांच होती है।
2. कानूनी स्वीकृति
SCRA बोर्ड से सर्टिफिकेट ऑफ एसेंशियलिटी और एलिजिबिलिटी लेना।
3. सरोगेट चुनाव
करीबी रिश्तेदार की पहचान, मेडिकल और मनोवैज्ञानिक जांच।
4. IVF ट्रीटमेंट
अंडे निकालना, फर्टिलाइज़ करना, और भ्रूण तैयार करना।
5. एम्ब्रियो ट्रांसफर
सरोगेट के गर्भाशय में भ्रूण प्रत्यारोपण और गर्भावस्था की पुष्टि।
6. बच्चे का जन्म
डिलीवरी, पेरेंटेज ऑर्डर, और बच्चे को परिवार को सौंपना।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2021 के कानून के अनुसार, केवल विवाहित भारतीय दम्पती सरोगेसी के योग्य हैं जिनकी शादी कम से कम 5 साल पुरानी हो। विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के लिए कुछ अपवाद हैं।
नहीं। भारत में कमर्शियल सरोगेसी पूरी तरह अवैध है। आप केवल सरोगेट के मेडिकल, बीमा, और आकस्मिक खर्च वहन कर सकते हैं — कोई नकद भुगतान नहीं।
अग्रणी क्लिनिक जैसे Vinsfertility में IVF की सफलता दर 80% तक है (डोनर एग के साथ)। औसतन 2-3 IVF साइकिल में सफल गर्भावस्था मिलती है।
जन्म से पहले ही कोर्ट से पेरेंटेज ऑर्डर लेना अनिवार्य है। इसके बाद बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, और आधार कार्ड आसानी से बनवाया जा सकता है।